How to do graduation in distance learning

By | January 21, 2022
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डिस्टेंस लर्निंग क्या है और डिस्टेंस लर्निंग से ग्रैजुएशन कैसे करें

12th के बाद जो मेरे भाई आर्थिक तंगी की वजह से रेगुलर graduation का कोर्स नहीं कर पाते हैं या किसी कारण से रेगुलर graduation course  करने से वंचित रह जाते  हैं उन दोस्तों को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज के हम अपने ब्लॉग में बात करेंगे डिस्टेंस लर्निंग क्या है(what is distance learning)और डिस्टेंस लर्निंग से ग्रैजुएशन कैसे करें ( distance learning se gradution kaise kare)

डिस्टेंस लर्निंग क्या है –(What is Distance Learning?) 

जो स्टूडेंट्स डिस्टेंस लर्निंग के द्वारा ग्रेजुएशन करना चाहते हैं उन्हें रेगुलर कॉलेज जाने की जरुरत नहीं पड़ती है, जिस वजह से वो छात्र या छात्राएं अपने घर से ही पढ़ाई कर सकते हैं। डिस्टेंस लर्निंग से स्नातक की पढ़ाई करने के फायदे यह है कि विद्यार्थी को सिर्फ परीक्षा के दौरान ही कॉलेज जाना पड़ता है।

और हाँ स्टूडेंट्स मैं आपको ये भी बता दूँ  कि डिस्टेंस लर्निंग और डिस्टेंस एजुकेशन (Distance Education) एक ही है।डिस्टेंस लर्निंग या डिस्टेंस एजुकेशन के अंतर्गत स्टूडेंट्स घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं,जिसकी वजह से उन्हें प्रत्येक दिन कॉलेज के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।  आप किसी भी विषय के माध्यम से डिस्टेंस लर्निंग के द्वारा स्नातक की पढ़ाई पूरी सकते हैं, क्योंकि भारत में ऐसी बहुत सारी कॉलेज है जो स्टूडेंट्स को यह सुविधा देती है।

डिस्टेंस लर्निंग क्यों करना चाहिए?

 भारत में बहुत सारे ऐसे छात्र या छात्राएं हैं जो 12वीं के बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरा करना तो चाहते हैं, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रहने के कारण  उन्हें जॉब करना पड़ता है। ऐसे स्टूडेंट्स के लिए डिस्टेंस लर्निंग या डिस्टेंस एडुकेशन एक opportunity है। 

इसके अलावे भी बहुत सारे ऐसे कारण है जिसकी वजह से कुछ स्टूडेंट्स 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने का फैसला कर लेते हैं।और कुछ दिन बाद आगे का पढ़ाई करना चाहते हैं इस तरह के विद्यार्थियों के लिए ही डिस्टेंस लर्निंग प्रणाली लाया गया है। डिस्टेंस लर्निंग के तहत स्टूडेंट्स जॉब के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई करके ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर सकते हैं। इस प्रणाली के तहत स्टूडेंट्स को सिर्फ परीक्षा के समय कॉलेज जाना पड़ता है।

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें?How to do graduation in distance learning

अब बात यह आती है कि Distance Learning Se Graduation Kaise Krein और इस के लिए आपको क्या-क्या जरूरी है। डिस्टेंस लर्निंग से स्नातक की पढ़ाई करने के लिए सबसे पहले आपको यह पता करना होगा कि आपके locality में मौजूद कॉलेज में से किस कॉलेज में डिस्टेंस लर्निंग या डिस्टेंस एजुकेशन के स्नातक की पढ़ाई करवाई जाती है।

 इसकी जानकारी मिल जाने पर  आप उस कॉलेज में जाकर डिस्टेंस लर्निंग प्रणाली के तहत एडमिशन करवा सकते हैं। उसके बाद आपको प्रत्येक दिन कॉलेज जाने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। आज के समय में लगभग हर किसी के पास इंटरनेट मौजूद है, इसकी मदद से आप घर बैठे यूट्यूब(YouTube▶️) के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।इसके बाद आपके मन में एक सवाल उठेगा कि डिस्टेंस लर्निंग के तहत कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं तो आइये देखते हैं:-

डिस्टेंस लर्निंग के तहत कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं?

 इस बात को आप भली भाँति जान गए होंगे कि डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें(Distance learning se graduation kaise karein)

अब एक सवाल आता है कि डिस्टेंस लर्निंग के तहत कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं? तो प्यारे दोस्तों हमें बताने बहुत खुशी होगी  कि इस प्रणाली के तहत बीए(B.A), बीएससी(B.sc), बीकॉम(B.com), एम कॉम(M.com) की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा Distance Learning के तहत आर्टस(Arts) तथा सोशल साइंस(social sciences) से भी स्टूडेंट्स पढ़ाई कर सकते हैं।

Dear students आपने इस बात को तो जान लिया कि डिस्टेंस लर्निंग क्या होता है(Distance learning kya hota hai)। डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुेएशन कैसे करें (Distance learning se graduation kaise karein). और डिस्टेंस लर्निंग के तहत कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं?  अब बात करेंगे डिस्टेंस लर्निंग के फायदे के बारे में। 

डिस्टेंस लर्निंग के फायदे – Advantages of Distance Learning

डिस्टेंस लर्निंग या डिस्टेंस एजुकेशन के  फायदे  ज्यादा उनको है जो जॉब के साथ-साथ  स्नातक की पढ़ाई कर   रहे हैं तो उससे पहले आपको यह जरुर जान लेना चाहिए कि इसके क्या-क्या फायदे( Advantages of Distance Learning) है। 

  • डिस्टेंस लर्निंग के तहत स्टूडेंट्स को प्रत्येक दिन कॉलेज जाने की जरुरत नहीं पड़ती है।
  • Distance Learning से ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं।
  • इस प्रणाली के तहत स्नातक की पढ़ाई करने के वाले छात्र या छात्राएं कहीं पर जॉब कर सकते हैं।
  • Distance Learning के तहत स्नातक के पढ़ाई करने से स्टूडेंट का समय बच जाता है।
  •  आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंट्स जब चाहे  डिस्टेंस लर्निंग प्रणाली के तहत अपना graduation complete कर सकते हैं।
  • Distance Learning की एक अच्छी बात यह भी है कि छात्र एवं छात्राओं को रेगुलर की तुलना फीस के तौर पर कम पैसे भुगतान करने पड़ते हैं।

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए टॉप-10 यूनिवर्सिटी कौन-कौन से हैं:-

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए टॉप-10 यूनिवर्सिटी 

अब आपको  यह मालूम चल चुका है कि डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें? अब  बात आती है   कि भारत में कौन-कौन से ऐसे विश्वविद्यालय है जहां पर डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने की सुविधा देती है। हमारी जानकारी के अनुसार भारत में इस तरह के 111 संस्थान मौजूद है, लेकिन हम उनमे से चुनिंदा टॉप-10 यूनिवर्सिटी के बारे में बताने वाले हैं, जिसकी जानकारी इस प्रकार से है:-

1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय

नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय दुनिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी है। इस यूनिवर्सिटी में भारत के अलावा विश्व के अन्य 33 देशों के अनुमानतः 40 स्टूडेंट्स स्टडी कर रहे हैं। इस यूनिवर्सिटी की स्थापना सितम्बर 1985 में की गई थी।

                                  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन के मामले में बहुत बढ़िया यूनिवर्सिटी मानी जाती है। जब भी डिस्टेंस लर्निंग की बात होती है तब इस यूनिवर्सिटी का नाम सबसे ऊपर होता है, इस वजह से जो विद्यार्थी डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करना चाहते हैं वो इस यूनिवर्सिटी में एडमिशन करवा सकते हैं।

2. सिम्बायोसिस सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग

महाराष्ट्र के पुणे में स्थित यह यूनिवर्सिटी भी  डिस्टेंस लर्निंग की सुविधा देती है।  इसकी शुरुआत साल 2020 में की गई थी। जो स्टूडेंट्स डिस्टेंस लर्निंग के तहत डिग्री हासिल करना चाहते हैं उन के लिए यह विश्वविद्यालय भी किसी वरदान से कम नहीं।

3. यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र ओपन यूनिवर्सिटी

यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र ओपन यूनिवर्सिटी (YCMOU) की स्थापना जुलाई साल 1989 में की गई थी। यह विश्वविद्यालय महाराष्ट्र के नासिक में स्थित है। इस विश्वविद्यालय में भी डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन की सुविधा मौजूद है। 

4. महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी

 1976 में स्थापित महर्षि दयानन्द यूनिवर्सिटी एक सार्वजनिक तथा राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय है। यह विश्वविद्यालय हरियाणा के रोहतक में मौजूद है,यहाँ पर डिस्टेंस मोड से पढ़ाई करने की सुविधा उपलब्ध है।

5. स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (दिल्ली विश्वविद्यालय)

स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) दिल्ली विश्वविद्यालय की स्थापना साल 1962 में की गई थी। इस यूनिवर्सिटी में 10 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्यन करते हैं तथा प्रत्येक वर्ष तकरीबन 1 लाख 50 हजार स्टूडेंट्स एडमिशन करवाते हैं।

                 यही कारण है कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग फिलहाल भारत की सबसे बड़ी शैक्षणिक संस्थानों में से एक है। स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग दिल्ली विश्वविद्यालय डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन के क्षेत्र में बहुत बढ़िया यूनिवर्सिटी है जिस वजह से बहुत सारे छात्र एवं छात्राएं हर साल प्रवेश लेते हैं।

6. नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी

 कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना साल 1997 में की गई थी। इस यूनिवर्सिटी में प्रत्येक वर्ष जुलाई के महीने में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की जाती है, जहाँ से आप डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

7. मध्य प्रदेश भोज ओपन यूनिवर्सिटी

 यहाँ भी स्टूडेंट्स डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन के तहत  पढ़ाई कर सकते हैं।मध्य प्रदेश भोज ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना साल 1991 में की गई थी। इस यूनिवर्सिटी का सबसे बड़ा उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक से अधिक बढ़ावा देना है। इस विश्वविद्यालय में विभिन्न तरह के कोर्स उपलब्ध है। 

8. कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी

1996 में स्थापित इस विश्वविद्यालय में भी विभिन्न प्रकार की कोर्स करवाई जाती है। उसके बाद इसकी दूसरी सबसे अच्छी बात यह है कि कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में डिस्टेंस लर्निंग के द्वारा अध्यन करने की सुविधा दी गई है।

9. डॉ. भीम राव अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी

1982 में स्थापित  इस यूनिवर्सिटी के द्वारा भी कई तरह के कोर्स करवाई जाती है। इसके अलावा वहां पर डिस्टेंस लर्निंग सुविधा भी मौजूद है।

10. तमिलनाडु ओपन यूनिवर्सिटी

तमिलनाडु ओपन यूनिवर्सिटी (TNOU) की स्थापना साल 2002 में की गई थी। इस विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को उच्च शिक्षा प्रदान करना है। इस यूनिवर्सिटी में भी डिस्टेंस लर्निंग की सुविधा दी गई है जिसके तहत बहुत सारे स्टूडेंट्स अध्यन भी कर रहे हैं। 

 आपके मन में डिस्टेंस लर्निंग या दूरस्थ शिक्षा से जुड़ी बहुत सारे सवाल व जवाब अब भी घूम रहे होंगे लेकिन  दोस्तों हमारी पूरी कोशिश यही रहती है कि आपको पूरी तरह से संतुष्ट करना इसलिए कुछ (FAQ) को भी देख लेते हैं जैसा कि आपने समझ लिया  कि डिस्टेंस लर्निंग क्या है ( Distance learning kya hai) तथा डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें(Distance Learning se graduation kaise karein)? इसके अलावे भी हमने कई अन्य टॉपिक के बारे में भी समझाया है आइये कुछ और प्रश्न पर गौर करते हैं:-

1. भारत में दूरस्थ शिक्षा की आवश्यकता क्यों है?

भारत में दूरस्थ शिक्षा या Distance Learning की आवश्यकता इसलिए अति आवश्यक है  क्योंकि कुछ स्टूडेंट्स अपनी आर्थिक तंगी को दूर करने जॉब  करते हैं, ऐसे स्टूडेंट्स के लिए भारत में Distance Learning की बहुत आवश्यकता है।

2. दूरस्थ शिक्षा का जनक कौन है?

Distance Learning या दूरस्थ शिक्षा का जनक आइजक पिटमैन को माना जाता है, क्योंकि इन्होने साल 1840 में पहली बार पत्राचार के द्वारा स्टूडेंट्स को शिक्षित करने का काम शुरू किया था।

3. भारत में दूरस्थ शिक्षा की शुरुआत कब हुई?

भारत में साल 1960 में Distance Learning या दूरस्थ शिक्षा शुरू की गई थी।

4. भारत का सबसे बड़ा मुक्त विश्वविद्यालय कौन सा है?

डिस्टेंस लर्निंग के मामले में इग्नू विश्व का सबसे बड़ा मुक्त यूनिवर्सिटी है। 

तो दोस्तों आपने बेहतर ढंग से ये जाना कि डिस्टेंस लर्निंग क्या है(Distance Learning kya hai) और डिस्टेंस लर्निंग से ग्रैजुएशन कैसे करें ( distance learning se gradution kaise kare) । उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा लिखी गई ब्लॉग आपके लिए मददगार साबित होगी। 

                                       धन्यवाद

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